April 2, 2025, Wednesday, 11:15 pm

8 कंपनियों पर FIR, अनवर ढेबर की याचिका मंजूर; छ्त्तीसगढ़ शराब घोटाला में PMLA कोर्ट ने जारी किया समन

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में पीएमएलए कोर्ट ने आरोपी अनवर ढेबर की ओर से दाखिल 190 सीआरपीसी याचिका को स्वीकार कर लिया है। मामले की सुनवाई EOW-ACB की विशेष अदालत में 10 मार्च को होगी।...

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में पीएमएलए कोर्ट ने आरोपी अनवर ढेबर की ओर से दाखिल 190 सीआरपीसी याचिका को स्वीकार कर लिया है। मामले की सुनवाई EOW-ACB की विशेष अदालत में 10 मार्च को होगी।

Sneha Baluni लाइव हिन्दुस्तान, रायपुरTue, 25 Feb 2025 12:39 PM
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8 कंपनियों पर FIR, अनवर ढेबर की याचिका मंजूर; छ्त्तीसगढ़ शराब घोटाला में PMLA कोर्ट ने जारी किया समन

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में पीएमएलए कोर्ट ने आरोपी अनवर ढेबर की ओर से दाखिल 190 सीआरपीसी याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए शराब निर्माता तथा शराब कारोबार से जुड़े आठ कंपनियों के लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। संबंधित लोगों को समन जारी कर 28 फरवरी को कोर्ट में पेश होने कहा गया है। मामले की सुनवाई EOW-ACB की विशेष अदालत में 10 मार्च को होगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील डॉ. सौरभ पाण्डेय के मुताबिक शराब घोटाला मामले में PMLA कोर्ट ने वेलकम डिस्टिलरीज, भाटिया वाइन मर्चेंट्स, सीजी डिस्टलरीज, एमएस नेक्स्ट जेन, दिशिता वेंचर्स, ओम साईं ब्रेवरेजेज, सिद्धार्थ सिंघानिया और एमएस टॉप सिक्योरिटीज को आरोपी बनाया है। ईडी ने जांच में दावा किया कि इन कंपनियों ने शराब कारोबार में अवैध तरीके से अर्जित धन को बेनामी लेन-देन और मनी लॉड्रिंग के माध्यम से व्हाइट करने की कोशिश की।

ईडी के वकील के अनुसार विशेष PMLA कोर्ट ने धारा-190 सीआरपीसी के तहत संज्ञान लिया है। यह कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे जांच और कार्रवाई कानून के दायरे में और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेगी। शराब घोटाला केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जनवरी में ईडी ने गिरफ्तार किया था।

घोटाले की जांच को नई दिशा मिलेगी

कानून के जानकारों की मानें तो शराब निर्माता कंपनियों को आरोपी बनाए जाने के बाद शराब घोटाले की जांच को नई दिशा मिलेगी। आरोपी बनाई गई शराब निर्माता कंपनियों से पूछताछ में घोटाला में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। प्रवर्तन निदेशालय इसकी नए सिरे से एक बार फिर से पड़ताल कर सकती है। वित्तीय ऑडिट और PMLA प्रावधानों के तहत संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया तेज हो सकती है। संपत्ति की जांच भी होगी। जांच एजेंसियों के पास कई संदिग्ध बैंक लेन-देन और कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़े ठोस सबूत हैं। घोटाले के आरोपी से जुड़ी मुश्किलें बढ़ेंगी।

विशेष कोर्ट में 10 मार्च को होगी सुनवाई

बता दें कि इस मामले में आरोपी अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा ने ACB-EOW की विशेष अदालत में डिस्टलरी कंपनियों के मालिक को आरोपी बनाने की याचिका दायर की थी। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 8 कंपनियों और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है, जिनमें कई प्रमुख शराब निर्माता और वितरक शामिल हैं। इस मामले की अलगी सुनवाई 10 मार्च को होगी। इस मामले ने राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कोर्ट में अपना जवाब पेश किया है।

छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाला को भी जानिए

छत्तीसगढ़ की 2161 करोड़ रुपये का शराब घोटाले 2023 से चर्चा में है। आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों, शराब व्यापारियों और नेताओं की मिलीभगत से अवैध तरीके से शराब बेची गई और राज्य शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इस मामले की ACB-EOW लगातार जांच कर रही है, जिसमें कई बड़े नामों की संलिप्तता उजागर हुई है। शराब घोटाले मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा अभी जेल में बंद है। ढेबर की याचिका पर अब 10 मार्च को अगली सुनवाई में तय होगा कि इन कंपनियों और व्यक्तियों पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी।

रिपोर्ट- संदीप दीवान

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