बीजापुर में मारे गए 8 पुलिसकर्मियों में से 5 थे पूर्व नक्सली, माओवादी विचारधारा छोड़ पुलिस में हुए थे भर्ती
'माटी पुत्र' कहे जाने वाले डीआरजी कर्मियों की भर्ती बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से की जाती है। इसे राज्य में अग्रिम पंक्ति का नक्सल विरोधी बल माना जाता है।...
‘माटी पुत्र’ कहे जाने वाले डीआरजी कर्मियों की भर्ती बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से की जाती है। इसे राज्य में अग्रिम पंक्ति का नक्सल विरोधी बल माना जाता है।
